Saturday, December 25, 2010

सवालों का चक्रव्यूह


2जी स्पेक्ट्रम घोटाले मामले की जांच कर रही सीबीआई ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा से कई मुद्दों पर पूछताछ कीसीबीआई और राजा के बीच सवाल जवाब का दौर करीब नौ घंटे तक चला... सीबीआई ने राजा को वो दस्तावेज भी दिखाए, जो पिछले साल दूरसंचार विभाग के कार्यालयों पर मारे गए छापों में ज़प्त किए गए थे... सीबीआई के राजा से पूछे गए अहम सवाल कुछ इस तरह थे...
·         कॉपरेरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया के कहने पर किन टेलीकॉम कंपनियों को कम कीमतों पर स्पेक्ट्रम दिए गए?
·         राडिया से राजा की नजदीकी के पीछे वजह क्या है ?
·         तत्कालीन दूरसंचार सचिव के कम दामों पर स्पेक्ट्रम आवंटन करने को मना करने के बावजूद उसे नजरअंदाज क्यों किया?
·         पहले आओ पहले पाओ की 2001 की नीति को क्यों क्यों बदला गया?
·         ऐसी क्या जल्दी थी कि स्पेक्ट्रम आवंटन को महज 45 मिनट में ही निपटा दिया गया?
राजा के सामने सबसे कठिन सवाल ये था कि....
·         एक टेलीकॉम कंपनी ने स्पेक्ट्रम आवंटन की धनराशि का चेक एक दिन पहले ही कैसे काट दिया?
इससे यह साबित होता है कि उस कंपनी को ये पता था कि उसे लाइसेंस मिलने वाला है... ये वही कंपनी है जिसके तार नीरा राडिया से सीधे जुड़े हैं... राजा से यूएएस एकीकृत लाइसेंस सेवा के आवंटन के बारे में भी पूछताछ की गई...इसमें आगे की जांच जारी है.... और आगे भी राजा सीबीआई के सवाल के चक्रव्यू में गिरे रहेगे....  



2 comments:

  1. बेहतरीन लेख अच्छे प्रशन उठे हैं बधाई

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  2. हौसला अफ़ज़ाई के लिए शुक्रिया......

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