Thursday, February 10, 2011

माया की पलटी काया.....


शाही शानों शौक़त की शौकीन मायावती के अंदाज़ ही निराले है... पैसा पॉवर और पब्लिसीटी के लिए मैडम माया किसी भी हद तक गुज़र सकती है... इनका ये शौक़ हाल ही में एक बार फ़िर नज़र आया... जब बहन जी ने अपने सुरक्षा में तैनात एक डीएसपी रैंक के अफसर से अपनी जूती साफ़ कराई... बहन जी की जूती में लगी मिट्टी को सुरक्षाकर्मी ने अपने रूमाल से साफ़ किया... सरकार ने इन्हें सुरक्षाकर्मी के पद पर तैनात किया था... लेकिन ये तो माया कैंप के सफ़ाईकर्मी बनकर रह गए है...  
लखनवी अदब और लेहाज़ उस वक़्त धरे के धरे रह गए...जब पार्टी के आला मंत्रियों ने मैडम माया के चरण स्पर्श किये... जबकी उत्तर प्रदेश की राजनीति में ये मत्री एक रूतबा रखते है... इसमें से कई तो प्रदेश के कैबिनेट में मंत्री पद पर भी विराजमान हैं... ख़ैर माया की चरण वंदना करना तो उत्तर प्रदेश के मंत्रियों और अफसरों की आदत में शूमार हो गया है... मैडम की पार्टी के बड़े-बड़े सूरमा माया चरण वंदना करना कभी नही भूलते... इन्हें अपनी योग्यता से ज्यादा बहनजी के आशीर्वाद पर भरोसा है... आखिर बहनजी के प्रसाद से ही तो इन्हें मंत्री का मलाईदार ओहदा मिला है... 

मैडम को सूबे की कमान भले ही आम आदमी के वोट की बदौलत मिली हो... लेकिन उनके तेवर बिल्कुल राजशाही है... और मायावती अपनी बादशाहत का ढ़िढ़ोरा अपने चपलूसों के बल पर पीट रही हैं.... माया के महामाया अंदाज़ की झलक माया के तेवर में देखी जा सकती है... जिससे साफ ज़हिर होता है की यूपी की मुखिया मायावती जो अपने को दलित की बेटी तो कहती हैं... लेकिन उनका रेहाइशी अंदाज़ बिल्कुल नवाबी है... बहन जी के इस अंदाजा को देखकर लगता है कि वाकई में रजवाड़ों और रियासतों की रानियों के भी ये जलवे नहीं रहे होंगे...
माया का राजशाही अंदाज़ विपक्ष को रास नहीं आ रहा है...  बहन जी के सियायत करने के इस अंदाज़ को विपक्ष ने मुद्दा बना लिया है... विपक्ष इसपर आगमी विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीति चमकाने की फ़िराक़ में है... वहीं प्रदेश में अपनी जमीन तलाश रही कांग्रेस भी इस मसले पर मायावती पर हमला करने से नहीं चूक रही है... पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा ने मायावती के  रवय्ये को दलितों की भावना से खिलवाड़ बताया है....
बहरहाल मैडम हवा में उड़ती हैं... कार से दौड़ती है... औऱ रेड कार्पेट पर चलती हैं... मैडम कभी जमीन पर नहीं चलती.. क्योंकि उन्हें धूल मिट्टी से सख़्त एलर्जी है... और तो और मैडम अपने घर से पार्टी दफ्तर जाती हैं तो पूरे रास्ते को धोया जाता है... चप्पे-चप्पे पर चौकस सुरक्षा के लिए फौज खड़ी रहती है... मैडम सरकारी काम से निकलें या पार्टी की बैठक में....सूबे की पुलिस और प्रशासन उनको पलक पांवड़े बिछा कर रखता है.....क्योंकि आखिर ये हैं मैडम माया जिनकी सत्ता में ताजपोशी के बाद पलट गई है काया...
मरज़िया जाफ़र  

2 comments:

  1. बहुत बढ़िया है पर थोडा और तथ्य डालती मतलब पुराना सन्दर्भ लेकिन फिर भी पढ़ कर मज़ा आया

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  2. सर शायद आप माया की माला का ज़िक्र कर रहे है.... ख़ैर इंशाअल्लाह आगे बेहतर कोशिश करूंगी... हौसला अफ़ज़ाई के लिए शुक्रिया...

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