Thursday, March 17, 2011

हर सुबह एक नई मुसीबत...


हर सुबह एक नई मुसीबत... हर रात में छुपी एक ख़ामोशी... कहीं सन्नाटा, कही बिलखते हुए लोग... कहीं अपनों को तलाशती मायूस नज़रें... कहीं सब कुछ लुटा चुके लोगों की सिसकियां... ये उस सरज़मी की तबाही के बाद का मंज़र है... जहां कुछ दिनों पहले कुदरत अपना कहर बरपा चुकी है... जापान में मुसिबतों को दौर बरकरार है... कुदरत के जख्म के बाद तबाही का सिलसिला शुरू हो गया... जापान में आए ज़लज़ले ने लाखों लोगों से उनका बसेरा छीन लिया... सुनामी की ख़तरनाक लहरे ना जाने कितनी ज़िंदगियां निगल गई... और अब इस कोहराम के बाद रेडिएशन का खतरा... जो लोगों के उपर कैंसर बन कर टूट सकता है....
 ज़लज़ले और सुनामी से सहमे जापान के लोग एक बार फिर दहल उठे हैं... दरअसल रेडिएशन के रिसाव से जापान पर परमाणु त्रासदी के बादल मंडराने लगे हैं सुनामी की मार झेलने के बाद अब जापान पर कैंसर की सुनामी का खतरा मंडरा रहा है... रेडिएशन बालों से शरीर में दाखिल होकर त्वचा का कैंसर देता है और  कई तरह की बीमारियों को दावत देता है... जिससे मर्ज शरीर में घर कर लेते हैं... और इसकी चपेट में अबतक करीब 200 लोगों आ चुके हैं...रेडिएशन का असर पड़ोसी मुल्कों पर भी हो रहा है...आलम ये है कि भारतीयों के साथ-साथ जापानी भी देश से पलायन करने को मजबूर है... जापान के हालत देखकर लगता है कि हिरोशिमा और नागासाकी का 65 साल पुराना और खौफनाक इतिहास दोहराना तय है
फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट में  एक के बाद एक हो रहे धमाकों से जपान लरज़ उठा है... हवा में घुलता  ज़हर लाखों ज़िन्दगियां तबाह कर सकता है... अपना सब गवा चुके लोग खुले आसमान के नीचे गुज़र बसर करने को मजबूर है... लेकिन जापान से नराज़... कुदरत का सितम तो देखिए बर्फबारी ने इनकी मुसिबत और बड़ा दी... सर छुपाने के लिए अब ये कहां जाए... लेकिन जपान अभी भी हिम्मत नही हारा है....और इस दुख भरे पल से लागातार जुझ रहा है... ताकी इससे जल्द से जल्द निजात पाई जा सके... बच्चे, बुजुर्ग, जवान सभी आंखे तबाही के इस आलम में अपनों की ज़िंदगी तलाश रही है.... क्या पता...किसी आवाज़ से कुछ पलों में खोई ज़िंदगी...वापस ढेर सारी खुशियां लेकर लौटे...
रोज़ एक नई परेशानियों का सामना कर रहा जापान भारी मुश्किलों से जुझ रहा है... साढ़े आठ लाख घरों में बिजली नहीं है.....15 लाख घरों में पानी के लाले पड़ गये हैं....इसके बावजूद जापान की ज़िंदादिली अभी भी बरकरार है... और साथ ही पूरी दुनिया जापान के लिए कुदरत से रहम दुआएं कर रही है...  




3 comments:

  1. प्राकृतिक आपदा के सामने हम कितने विवश है,
    अच्छी पोस्ट.

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