Friday, June 25, 2010

महंगाई बनाम सरकार

देश में मंहगाई का मीटर लगातार हाई होता जा रहा है...पहले से ही मंहगाई की मार झेल रही जनता को सरकार ने एक बार फ़िर मंहगाई बढ़ाकर ख़ौफ़ज़दा कर दिया है... यूपीए सरकार ने एक झटके में ही पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ाकर आम जनता की जेब पर अपना नश्तरी वार कर दिया हैं... सरकार का पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ाना किसी को भी रास नहीं आ रहा है... खुद सरकार के मंत्री से लेकर विपक्ष तक इस फैसले से नाराज़ हैं... और आम आदमी बेबस होकर अपनी बर्बादी का तमाशा देख रहा है... राजनीतिक दल भी जनता की बेबसी पर सियासत की रोटी सेकने में लगे हुए है... पूरे देश में कोहराम मचा रही मंहगाई के लिए भाजपा सड़क पर उतर आई है...वहीं रेल मंत्नी ममता बनर्जी ने पेट्रोलियम उत्पादों में हुई बढ़होतरी पर सख्त नाराज़गी जताते हुए इसे आम आदमी पर बोझ बताया है...
बहरहाल रसोई गैस कीमत 310.25 रुपए से बढ़कर 345.25 रुपए का हो गई है... केन्द्र सरकार ने इससे पहले जून 2008 में रसोई गैस की कीमतों में 40 रुपए प्रति सिलेंडर की वृद्धि की थी...लेकिन विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र दिल्ली सरकार का मंहगाई पर पलटवार हुआ...और रसोई गैस की बढ़ी कीमतों की भरपाई के लिए सब्सिडी दी गई थी... वजह थी वोट बैंक की राजनीति...
पहले से कमरतोड़ मंहगाई झेल रही जनता को सरकार की तरफ़ से एक झटका तब लगा जब ईजीओएम ने पेट्रोल कीमतों को डीरेगुलेट करने के फैसले पर मुहर लगा दी है... जिसके बाद पेट्रोल-डीजल समेत केरोसीन और एलपीजी सिलेंडर भी महंगा हो गया है...
अपना ऐब छुपाते हुए सरकार ने तेल कंपनियों के घाटे के बोझ को जनता पर लादने के इरादे से तेल कीमतों को बाजार के हवाले कर दिया है... जिसके बाद पेट्रोल 3.7 रुपये, केरोसीन 3 रुपये और एलपीजी सिलेंडर 35 रुपये महंगा हो गया है...तेल कंपनियां काफी समय पेट्रोल-डीजल की कीमतों को बढ़ाने के लिए सरकार पर दबाव डाल रही थी... क्योंकि कंपनियों को 115 करोड़ रुपये का घाटा हर दिन हो रहा था... कीमतें बढ़ाने के बाद भी 53,000 करोड़ का घाटा होगा...
सरकार के इस फैसले के बाद सभी सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों में बढ़त देखी जा रही है.... पहले ही महंगाई की आंच में झुलस रहे निम्न मध्यम और गरीब तबके को इनकी कीमतों में बढ़ोतरी से चोट पहुंची है....
हमारे देश में ऐसे भी हर चीज़ के दाम बढ़कर बताने का रिवाज रहा है... लेकिन इस बार तो हद हो गई... हाल ही में सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर में 25 रुपए की वृद्धि कर दी थी... और दुबार फ़िर से मंहगाई...
यूपीए सरकार की इस हरकत को देखकर लगता है कि... पिक्चर तो अभी बाक़ी है... मंहगाई नाम की फ़िल्म बना रही यूपीए सरकार अभी तो अपना प्रोमो चला रही है...कॉमनवेल्थ गेम्स् के बाद ही मंहगाई पूरी तरह से रिलीज़ की जाएगी...

Monday, June 21, 2010

A.R. Rahman - Maa Tujhe Salaam

Tuesday, June 15, 2010

ऑनर किलिंग... इज़्ज़त की उड़ी धज्जीयां

प्यार के दुशमन हर दौर में रहे है... लेकिन ये ज़िद्दी प्यार भी हर दौर में परवान चढ़ा... 100 फ़ीसदी में 10 फ़ीसदी लोग कामयाब हुए...बाक़ी 90 फ़ीसदी का हश्र...बड़ा दर्दनाक हुआ...लेकिन बदलते दौर के साथ-साथ हालात ने भी करवट बदला और प्रेम पुजारियों के लिए उनके अपने ही ख़ून उनके दुश्मन बन बैठे... देश में ऑनर किलिंग के एक के बाद एक कई मामले सामने आ रहे हैं... इज़्ज़त और समाज के डर से लोगों को अपने ख़ून का ही ख़ून बहाने में ज़रा भी तकलीफ़ नही होती...
 ऐसे कई जल्लाद पिता, भाई, मां, के ख़ूख़ार चेहरे समाज के सामने आए है... जिसने अपनी इज़्ज़त बचाने के लिए अपनी ही औलाद की जान ले ली, अपनी बहन का सुहाग उजाड़ा दिया... लेकिन ऑनर किलिंग का मामला समाज के सामने आने के बाद इनकी इज़्ज़त की धज्जीयां उड़ गई... तब इज़्ज़त और आबरू का कलमा पढ़ने वालों की बोलती ही बंद हो गई, और उसी समाज के सामने नज़रे झुकाने को मजबूर है जिसकी वहज से ऐसे लोगों ने अपनों को हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया... ऑनर किलिंग का एक सनसनी ख़ेज मामला सामने आया है...जहां एक परिवार ने अपनी बेटी और उसके प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी... वारदात को अंजाम देने के बाद लड़की के परिवार वालों ने दोनों के शवों को घर में बंद कर भाग गए... इस प्रेमी जोड़े की बस इतनी सी ख़ता थी कि दोनों अलग-अलग जातियों से ताल्लुक रखते थे... और परिवार वालों ने इन्हें इतनी बेहरहमी से मारा की दोनों के शरीर के कई हिस्सों में चोट और बिजली के करंट के भी निशान मिले...
इसके अलावा पिछले दिनों हरियाणा के जिंद से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया... जहां एक ही गोत्र का होना प्यार का दुश्मन बना... जी हां... 3 साल पहले एक प्रेमी युगल ने घरवालों के खिलाफ शादी की थी...एक ही गोत्न का होने की वजह से खाप पंचायत ने इस विवाह का विरोध किया... तालिबानी फरमान सुनाते हुए लड़के के परिवार को गांव से बहिष्कार कर उसका हुक़्का पानी बंद कर दिया गया....इसके बाद दोनों करनाल में जा बसे 15 जून 2007 को इनकी हत्या कर दी गई... सीरियल ऑनर किलिंग का क़हर यहीं नही थामा... कहते है ना इश्क़ और जंग में सब जाएज़ है... हाल में ही मुज़फ्फरनगर में घटे ऑनर किलिंग मामले में एक नया ट्विस्ट सामने तब आया जब मृतक प्रेमी जोड़े पहुंचे थाने...जी हां कल तक जहां प्रेम सम्बन्ध के चलते अजीत और अंशु की हत्या की बात सामने आ रही थी वहीं अचानक ये प्रेमी जोड़ा जिन्दा नज़र आया... और थाने पहुँच गया...गौरतलब है कि पुलिस ने इस प्रेमी युगल की लाश भी बरामद की... और लड़की के भाई अनुज ने कबूला भी कि उसने ही अपनी बहन के प्रेमी की हत्या की थी... इसी दौरान ऑनर किलिंग का एक और सनसनी ख़ेज मामला सामने आया... जहां बेटी के प्रेम विवाह से नाराज़ पिता ने उसे छत से धक्का दे दिया... ये बेटी भी उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा पद पर काम कर रहे पिता की थी... इसी तरह का दूसरा मामला कौशांबी में देखने को मिला जहां एक पिता ने अपनी ही बेटी का मंदिर में क़त्ल कर दिया है... इलाहबाद. में तो ऑनर किलिंग के हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं... जहां पड़ोसी से प्रेम संबंध के चलते एक भाई ने अपनी ही बहन की हत्या कर दी... और लड़की का शव पेड़ से लटका मिला...जानकारी के मुताबिक लड़की गर्भवती थी...ये बात जब भाई को पता चली तो उसने बड़ी ही बेरहमी से बहन को मार दिया... और ह्त्या को आत्महत्या बनाने के लिए लाश को पेड़ से लटका दिया...
इश्क़ हाज़िर मोहब्बत की सज़ा पाने के कोई पत्थर से ना मारे मेरे दिवाने को.... लेकिन यहां पत्थरों से ही मौत मिली है....और ये ख़बर आई है हैदराबाद से.... जीहां साउथ का भी वही हाल है... ऑनर किलिंग के मामले थमते नजर नहीं आ रहे हैं....ऐसे ही एक ताजा मामले में निजामाबाद में एक प्रेमी जोड़ी को लोगों ने यातना दे कर मौत के घाट उतार दिया... इश जोड़े की सिर्फ़ इतनी सी ग़लती थी कि अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाले लड़के ने एक ऊंची जाति की लड़की, से भाग कर शादी कर ली थी...
यहां तक की ऑनर किलिंग मामले से देश के चौथा स्तभ के लिए काम करने वाले मिडिया परस्नेलिटी भी अछूते नहीं है...निरूपमा पाठक हत्याकांड का ख़ुलासा होने के बाद मीडिया के तो होश ही उड़ गए...जी हां देश का एक ऐसा तबक़ जिसे हम मिरर ऑफ़ सोसाईटी के कहते है... उसके लोगदों के भी नहगी बख़्शा गया.... और तो और मामला ऐसा पेचीदा बना की हत्या और आत्महत्या के बीच अब तक पिस रहा है... फ़िलहाल निरूपमा की मौत भी जातीवाद की ही वजह से ही हुई है....दरअसल ब्राह्मण की बेटी कायस्थ का बेटा था.. और मौत की वजह उसका प्रेम संबंध बताई जा रही है... और शर्म की बात ये है की मौत के बाद भी निरूपमा की इज़्ज़त सरे बाज़ार आज तक उछाली जा रही है...
ऑनर किलिंग’ की कुप्रथा का चलन सिर्फ हरियाणा और पश्चिम उत्तरप्रदेश में ही नहीं, बल्कि दुनिया के दर्जन भर से अधिक देशों में है... संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की रिपोर्ट के मुताबिक हर साल ऑनर किलिंग के तहत 5,000 से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार दिया जाता है....
संयुक्तराष्ट्र ने दुनिया के उन देशों को अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है जहां यह कुप्रथा चल रही है... इसके मुताबिक ऑनर किलिंग की कुप्रथा भारत के अलावा पाकिस्तान, तुर्की, जॉर्डन, सीरिया, मिस्र, लेबनान, ईरान, यमन, मोरक्को के अलावा कई खाड़ी देशों में हैं... इसके अलावा जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन में भी उन परिवारों के बीच ये कुप्रथा चल रही है जो बाहर से आकर यहां बसे हैं....

Monday, June 7, 2010

भोपाल का दर्द... अधूरा इंसाफ़...

नवाबी शान-व-शौक़त को अपने अंदर समाए शहर-ए-भोपाल की वो दर्द भरी काली रात जिसकी आज तक सुबह हुई... मौत से बेख़बर... बेख़ौफ़ होकर 2 दिसंबर की उस रात को जब लोग सुकून से अपने-अपने घरों में सो रहे थे... तब मौत घुटन की शक़्ल में उन की नींदों पर हमेशा के लिए क़ाबिज़ हो गई... लेकिन जो लोग मौत और ज़िन्दगी के बीच की जंग लड़के जीत गए... वो आज तक उस घुटन भरी काली रात को याद करके थर्रा जाते है... भोपाल गैस त्रादसी का जख़्म इतनी आसानी से नही भुलाया जा सकता है... उस वक्त इस हादसे से जो रू-ब-रू हुए उनके दर्द की दास्तान सुन कर हम जैसे भी कांप जाते है जिनका उस वक़्त अस्तित्व ही नहीं था... लेकिन कहते हैं ना इंसाफ़ का एक दिन ज़रूर आता हैं... और शायद भोपाल गैस पीड़ितों के लिए वो दिन आ ही गया...
भोपाल गैस त्रासदी के मामले पर 23 साल तक चली सुनवाई के बाद चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मोहन पी तिवारी ने 8 आरोपियों को दोषी करार दे दिया है... कोर्ट ने इन आरोपियों को धारा 304-ए के तहत लापरवाही का दोषी पाया है... सीबीआई ने इस गैस कांड मामले में यूनियन कार्बाइड कॉपरेरेशन के तत्कालीन चेयरमैन वारेन एंडरसन समेत 12 को आरोपी बनाया है...
23 साल चली सुनवाई आख़िरकार 13 मई 2010 को पूरी हो गई...
मौत का ख़ौफ़नाक मंजर झेल चुके फरियादियों ने इंसाफ के लिए 25 साल इंतजार में गुज़ार दिए... इनके जख्म पर वक़्त की परत चढ़ चुकी है, लेकिन नासूर बना ज़ख़्म आज भी जिंदा हैं... लेकिन भोपाल की जनता के साथ एक बार फिर नाइंसाफ़ि हुई है... और दोषियों को 25 हज़ार के मुचलके पर उन्हें ज़मानत पर छोड़ दिया गया...
इस त्रासदी में 35 हज़ार से ज़्यादा लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी...ये दिन इतिहास के पन्नों पर अपनी स्याह छाप छोड़ चुका है... जिससे कोई चाह कर भी उभर नहीं सकता... दुनिया की सबसे बड़ी हैवानियत वाली कहानी 1984 की कहानी... जहां भागते-भागते लोग लाशों में तब्‍दील हो गए...लाशें ही लाशें पर दफनाने वाला कोई नहीं... 1984 में शहर में गैस के रिसाव से मचे मौत के तांडव से धीरे-धीरे लोग उभर रहे हैं लेकिन आज भी फैक्टरी में  मौत का सामान बाकी है... 19 जुलाई 1998 को कार्बाइड प्रबंधन भोपाल पास 67 एकड़ में फैक्टरी में फैले हुए 18 हजार मैट्रिक टन टाकसिक सिल्ट और केमिकल छोड़कर चला गया...

Tuesday, June 1, 2010

दोषियों की सज़ा बरक़रार


गांधीनगर के अक्षरधाम मंदिर पर आतंकी हमले के मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है... ग़ौरतलब है कि 2006 में इस मामले के आरोपियों को विशेष पोटा जज सोनिया गोकाणी की अदालत ने 3 को फांसी, 1 को उम्रकैद, 1 को 10 साल की सजा और 1 को 5 साल की सजा सुनाई थी... स्वामीनारायण संप्रदाय के गांधीनगर अक्षरधाम मंदिर को सितंबर 2002 में दो आतंकी हमले के दौरान 33 लोग मारे गए थे जबकि 76 लोग ज़ख़्मी हुए थे... बाद में इस मामले में 6 लोगों को पकड़ा गया जिनके ऊपर पोटा के तहत मुक़दमा चला और फिर पोटा कोर्ट ने सभी को सज़ा सुनाई... इसके बाद इन सभी ने हाईकोर्ट में सज़ा के ख़िलाफ़ अपील की थी... जिसे आज कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया... हमले की साजिश रचने में शामिल 24 लोग अब भी फ़रार हैं... बाद में इस मामले में दो और लोगों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ़्तार किया जो जेल में हैं और जिनका मामला लोअर कोर्ट में चल रहा है…


24 सितबंर 2002 दिन मंगलवार स्वामी नारायण मंदिर में तकरीबन शाम पांच बजे कुछ बंदूकधारियों ने मंदिर में घुस और अंधाधुंद गोलियां चलानी शुरु कर दी... इस हमले में 33 लोग मारे गए...घंटों तक चली इस मुठभेड़ में एनएसजी और गुजरात पुलिस का एक कमांडो भी मारा गया... जबकि कुछ कमांडो भी घायल हुए थे...

आतंकवादियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए... घटना के बाद पुलिस ने उस कार के मालिक और ड्राइवर को गिरफ्तार किया जिसमें बैठकर हमलावर स्वामीनारायण मंदिर तक पहुंचे थे... अधिकारियों के मुताबिक ये हमला जैश-ए-मोहम्मद के इशारे पर किया गया...