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Showing posts from April, 2011

मुसिबत का जनलोकपाल !!!

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लोकपाल बिल की मांग पर अड़े अन्ना हज़ारे ने जब जंतर मंतर को चुना....तो साफ हो गया कि ये कोई छोटी मोटी जंग नहीं...जन सैलाब के आक्रोश की आंधी ने अन्ना के कंधों पर भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने का दारोमदार सौंप दिया... आवाम की हक़ की लड़ाई के लिए गांधी की छवी बनकर उभरे अन्ना हज़ारे के अनशन के बाद...राजनैतिक दलों में ज़लजला आ गया....5 दिन अन्ना बिन अन्न रहे...देश में मानों एक नई उर्जा का संचार कुछ ही घंटों में हो गया हो...पूरा देश अन्ना की मुहीम में एक जुट हो गया.... आखिरकार हज़ारे की ज़िद के सामने सरकार को नत मस्तक होना पड़ा...और सरकार ने जनलोकपाल बिल के पर हामी भर दी.... सरकार की रज़मंदी के बाद अन्ना ने अनशन त्यागा... इसके बाद चला जनलोकपाल बिल पर बैठकों का दौर...राजनेताओं की बयानबाज़ी और अरोप प्रत्यारोप के बावजूद पहली बैठक कामयाब रही...लेकिन अन्ना की मुहीम के दूसरे चरण की बैठक की तस्वीर तब बिल्कुल ही बदल गई...जब अमर सिंह की बोतल से सीडी नाम का जिन बाहर आया...सीडी का जिन बाहर आते ही बिल के विरोधियों में खलबली मच गई... कमेटी के सह अध्यक्ष शांति भूषण पर राजनेताओं की उंगलियां उठने लगीं...और यह...

हज़ारे नए युग के गांधी....

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आज़ादी का वो दौर याद आ गया... जिसके किस्से आज तक सिर्फ़ किताबों में पढ़े थे... देश को आज़ाद कराने के लिए लाख़ो वीर जवानों ने अपने प्रणा की आहूति दी... लेकिन कुछ चुनिंदा नाम हमेशा हमारी जुबान पर रहते है... “ भगत सिंह, राजगुरू, सतगुरू ”… आज़ादी मिलने के बाद देश गुलामी की ज़ंजीरों से तो आज़ाद हो गया... लेकिन फंस गया भ्रष्टाचार के घिनौने दलदल में... लेकिन भारत माता की गोद में आज भी गांधी जैसे उसके होनहार सपूत मौजूद है... जो अपनी मां की रक्षा के लिए बलिदान दे सकते है... और इसकी जीती जागती मिसाल बनकर उभरे है अन्ना हज़ारे... जो देश को भ्रष्टाचार के घिनौने दलदल से मुक्त करने के लिए सरकार से जन लोकपाल बिल पास करने की जिद पर अड़े हैं...  अन्ना की ये ज़िद ही देश में इमान की क्रांती को जन्म दे सकती है... इस लड़ाई में पूरा देश उनके साथ है... इंसाफ़ की आंधी में जन सैलाब का रूख लगातार अन्ना हज़ारे के मंच की तरफ़ बढ़ रहा है... भ्रष्टाचार से मुक्ति पाने का नारा लेकर देश का हर तबक़ा दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंच रहा है... हज़ारे की भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ छेड़ी गई ...