मुसिबत का जनलोकपाल !!!
लोकपाल बिल की मांग पर अड़े अन्ना हज़ारे ने जब जंतर मंतर को चुना....तो साफ हो गया कि ये कोई छोटी मोटी जंग नहीं...जन सैलाब के आक्रोश की आंधी ने अन्ना के कंधों पर भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने का दारोमदार सौंप दिया... आवाम की हक़ की लड़ाई के लिए गांधी की छवी बनकर उभरे अन्ना हज़ारे के अनशन के बाद...राजनैतिक दलों में ज़लजला आ गया....5 दिन अन्ना बिन अन्न रहे...देश में मानों एक नई उर्जा का संचार कुछ ही घंटों में हो गया हो...पूरा देश अन्ना की मुहीम में एक जुट हो गया.... आखिरकार हज़ारे की ज़िद के सामने सरकार को नत मस्तक होना पड़ा...और सरकार ने जनलोकपाल बिल के पर हामी भर दी.... सरकार की रज़मंदी के बाद अन्ना ने अनशन त्यागा... इसके बाद चला जनलोकपाल बिल पर बैठकों का दौर...राजनेताओं की बयानबाज़ी और अरोप प्रत्यारोप के बावजूद पहली बैठक कामयाब रही...लेकिन अन्ना की मुहीम के दूसरे चरण की बैठक की तस्वीर तब बिल्कुल ही बदल गई...जब अमर सिंह की बोतल से सीडी नाम का जिन बाहर आया...सीडी का जिन बाहर आते ही बिल के विरोधियों में खलबली मच गई... कमेटी के सह अध्यक्ष शांति भूषण पर राजनेताओं की उंगलियां उठने लगीं...और यह...