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Showing posts from 2011

अन्ना अनशन कैसे तोड़ें ?

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अन्ना का अनशन कैसे तुड़वाया जाए... ? इस सवाल ने सरकार, विपक्ष, और देश के सभी राजनैतिक दलों की नींदें उड़ा दीं है...बुधवार रात नॉर्थ ब्लॉक में टीम अन्ना और सरकार के बीच हुई बातचीत के बाद...अन्ना के पास मायूस लौटी टीम के तेवर तीखे नज़र आये...इस उम्र में संघर्ष कर रहे अन्ना की सुध लेने के बजाए सरकार ने अन्ना का अनशन कैसे तुड़वाया जाए इसकी ज़िम्मेदारी टीम अन्ना पर थोप दी...जब टीम अन्ना ने अन्ना के अनशन तुड़वाने के बारे में वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी से सवाल पूछा तो प्रणव दा ने तीखे तेवर में कहा की अन्ना का अनशन कैसे तुड़वाना है ये आप की जिम्मेदारी है...वित्तमंत्री के गैर ज़िम्मेदाराना जबाव के बाद रामलीला रण का मंज़र क्रांति भरा नज़र आया...अन्ना ने भी आंदोलन के रूख़ और तेवर तीखा करने की हुंकार भरी दी...अन्ना ने समर्थकों से ये अपील भी कर दी...की सरकार के लोग...अगर उन्हें जबरन अस्पताल ले जाए तो...आप लोग रास्ता रोक कर खड़े हो जाए...साथ ही सरकार के रवैये पर अन्ना ने समर्थकों से ज़रूरत पड़ने पर जेल भरो आंदोलन की अपील की... हर दिन सरकार की एक नई ड्रामेबाज़ी के बाद टीम अन्ना आगे की बात ची त के ल...

"मैं अन्ना हूं"

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एक 74 साल का बुज़ुर्ग...ना कोई आगे ना कोई पीछे...लेकिन आज पूरा हिन्दुस्तान इनके साथ क़दम ताल कर रहा है...सूती धोती...सफेद मामूली कुर्ता...सर पर गांधी टोपी...सांवला रंग...मियादा क़द...ना कोई स्टाईल...ना कोई स्टेटस...दुन्यावी दांव पेंच में भी हाथ तंग है...अंग्रेज़ी से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं...हिंन्दी बोलने में भी जुबान लड़खड़ा जाती है...महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव रालेगण सिद्धी से ताल्लुक़ रखते हैं शायद इसीलिए मराठी भाषा फर्राटे से बोलते हैं... कभी दिल्ली की अजनबी गलियों में घूमने वाले इस अंजान चेहरे की आज दिल्ली है दिवानी...ये हैं महाराष्ट्र की मिसाल...बिहार है इस शख्स पर बलिहारी...गोवा और गुजरात का गुरूर है तो राजस्थान का रत्न...मध्यप्रदेश, मद्रास, मल्यालम, मनीपुर, मिज़ोरम भी है इस शख्स पर मेहरबान...छत्तीसगढ़, चंडीगढ़ का चहेता...पश्चिम बंग, पंडूचेरी, पंजाब की पहचान...सिक्किम का सूरमा...तो नागालैंड भी है इनके काम से निहाल...त्रिपुरा, तमिलनाडू की तलवार...कश्मीर केरल और कर्नाटका करता है इनकी करामत को सलाम...उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, उड़ीसा की उर्जा...हिमाचल प्रदेश और हरियाणा इन...

मौत की मायानगरी

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ये है मौत की बस्ती...यहां मौत है सस्ती...ख़ौफ़...दहशत...बेबसी...और सिसकियां...ये ज़मी निगल चुकी है लाखों ज़िंदगियां...ये है मौत की मायानगरी चारों तरफ फैला सन्नाटा...चीख़-चीख़ कर अपनी तबाही की गवाही दे रहा है...एक बार फिर... सब कुछ उजड़ गया...हमेशा रफ्तार में रहने वाली मुंबई उस वक्त कुछ पलों के लिए थम गई...जब मुंबई में 3 जगह आईईडी , अमोनियम नाइट्रेट से कराए गए सीरियल ब्लास्ट ने पहले से सहमी मुंबई को दहला दिया...सिर्फ 10 मिनट...और थर्रा उठी मायानगरी...इस धमाके में 18 लोगों की जान आतंकियों के नापाक मंसूबे के परवान चढ़ गई...तकरिबन 140 से ज़्यादा लोग बुरी तरह ज़ख़्मी हो गए...और कुछ लोग अस्पतालों में मौत-ज़िन्दगी की जंग लड़ रहे है... तीसरी बार आतंकियों का निशाना बने...महानगरी के झावेरी बज़ार में लगे...सीसीटीवी कैमरे ने...आतंक के सारे मंज़र को ख़ामोशी से कैद कर लिया...दादर में हुए धमाकों की तस्वीरे भी सीसीटीवी में कैद हो गई...फिलहाल सीसीटीवी में कैद संदिग्धों की जांच जारी है... जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों की मानें तो विस्फोट सेलफोन अलार्म से किया गया ... धमाके के पीछे इंडियन मुजाहिद...

कौन है ज़िम्मेदार ?

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बेलगाम रफ्तार...मौत का सफ़र...रेलवे बेख़बर...कौन है ज़िम्मेदार ? 80 ज़िन्दगियां निगल चुकी कालका मेल के दर्दनाक हादसे के बाद सभी के ज़ेहन में एक ही सवाल उठ रहे है कि आखिर और कितनी ज़िन्दगियां निगलेगी भारतीय रेल... लगातार हो रहे हादसों से अब तक सैकड़ों लोगों की जान इन पटरियों के परवान चढ़ चुकी है...ऐसे हादसों ने कई जगहों को मौत का जक्शन बना दिया है...लेकिन हालात ये है कि अब तक रेल मंत्रालय के कान पर जुं तक नहीं रेंगी... हादसे पर दुख जताते हुए रेलवे मुआवज़े का तो बंदोबस्त कर देती है...लेकिन आगे ऐसी अनहोनी ना हो इससे रेलवे बेखबर है...हमेशा गफलत में रहने वाला रेल मंत्रालय हादसों के वक्त जागता है...और फिर गहरी नींद में सो जाता है...बहरहाल ममता ने जब से पं. बंगाल की सत्ता संभाली है...तब से रेल मंत्रालय राम भरोसे ही चल रहा है ज्यादातर महकमों के आला पद खाली पड़े है...पीएम पहले से ही कई मंत्रालयों की कमान संभाल रहे है....ऐसे में रेल मंत्रालय का भार भी उनके कंधों पर है... हाल ही में हुए हादसों के बाद भी रेलवे को कोई सबक़ नहीं मिल रहा है...रेलवे...मुसाफिरों ...

आने वाले आते है..और चले जाते है...

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आने वाले आते है..और चले जाते है...लेकिन कुछ ऐसा कर जाते हैं...नाम जग में अमर कर जाते है...कला के जिस फ़नकार को नमन करे ज़माना...हम भी सुना रहे है उन्हीं का फसाना... फनकारों की आंखें नम है...कला की दुनिया में है मातम का माहौल...क्योकिं नहीं रहे मशहूर फनकार मक़बूल फिदा हुसैन...लंबे वक्त से ज़िंदगी और मौत के बीच जद्दोजहद कर रहे एम एफ हुसैन को मौत ने अपनी आगोश में ले लिया...लंदन के रॉयल ब्रॉम्टन हॉस्पीटल में भारत के पिकासो ने आखरी सांसे ली... 17 सितंबर 1915 में महाराष्ट्र के पढेरपुर में जन्में...हुसैन के हुनर से कौन वाक़िफ़ नहीं...इस फनकार ने अपने फन से पूरी दुनिया को अपना क़ायल बनाया...इस लिए इन्हें भारत का पिकासो कहते थे...वर्क पर उकेरी गई हुसैन की लकीरे बोल उठती थी...एम एफ हुसैन की हर पेंटिंग में कुछ न कुछ पैगाम छुपा होता था... हुसैन को उनकी चित्रकारी के लिए 1973 में पदमभूषण और 1991 में पद्मविभूषण अवार्ड से नवाज़ा गया...इसके अलावा इन्हें पद्मश्री अवार्ड भी दिया गया...और देखते ही देखते हुसैन चित्रकारी की दुनिया के सबसे मंहगे चित्रकार बन गए...अपनी फ़न से चित्रकारी की दुनिया में ...

बाबा का 5 स्टार सत्याग्रह

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लक्ज़री सुविधाओं से लैस सत्याग्रह पंडाल के अंदर AC, ICU , 5000 पंखे 2000 वर्ग फिट का मंच 1 लाख स्क्वॉयर फिट का तंबू पानी के पुख़्ता इंतज़ाम सुरक्षा व्यवस्था चौकस  लक्ज़री सुविधाओं से लैस बाबा राम देव के सत्याग्रह में हर ऐशों अराम की चीज़ मौजूद है...बाबा के सत्याग्रह की तैयारी तकरीबन 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है...रामलीला मैदान को पूरी तरह से घर जैसा बनाने की कोशिश की गई है... बाबा के सत्याग्रह के पंडाल में पानी का इंतज़ाम सबसे अच्छा किया गया है...पूरे मैदान में पाईप का जाल बिछाया दिया गया है...रामलीला मैदान में इतने नल लगाए गए हैं...जिसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है...लेकिन इंतज़ामियां इसकी संख्या तकरीबन 1 हज़ार बता रहे है...इसके अलावा पानी की टंकियों का भी इंतज़ाम है... सात्याग्रह के लिए बनाये गए वॉटर प्रूफ पंडाल में 5000  फंखे और एसी लगाऐ गए हैं...इसके अलावा पंडाल में स्वास्थय के मद्देनज़र दो आईसीयू की सुविधा है...एक–एक आईसीयू में 50 मरीज़ों के बेड का इंतज़ाम किया गया है...मंच के पीछे चार ऐसे एयर कंडीशन कमरे बनाए गए है जहां तबियत बिगड़...

ये सरकारी दमाद कब तक देश का ख़ून पीता रहेगा ?

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                                        कसाब का हिसाब                             मौत के सौदागर की इज़ज्त आफ़ज़ाई                                         देश का गुनाहगार                                                   ...

भट्टा परसौल लाईव !!!

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ग़रीबों का गुमनाम गांव...जहां झुंड में है नत्था...बात का बना बड़ा बतंगड़...गांव बना सियासी दंगल...ये है भट्टा परसौल लाईव !!! ये कहना गलत नहीं होगा कि...देस मेंरा रंग रेज़ है बाबू...घाट-घाट यहां घटता जादू...हम पीपली लाईव के नत्था के गांव की बात नहीं कर रहे है...बल्कि रियल लाईफ के कई नत्था जैसों के गांव भट्टा परसौल की बात कर रहे हैं...कल तक जिस सूबे के मामूली गांव पर गुमनामी की ग़ुबार थी...जहां ग़रीबों की सुध लेने वाला कोई नहीं था...आज अचानक उसी गांव में नेताओं का जमावड़ा लगा है...7 मई को मचे महासंग्राम के बाद ये गांव सुर्खियों में आ गया...और अब वही गांव सियासत का अखाड़ बन गया है...तभी तो मैने कहा...ये है भट्टा परसौल लाईव !!! "राई पहाड़ है कंकर-शकंर...बात है छोटी बड़ा बतंगड़... इंडिया सर ये चीज़ धुरंधर..रंग रंगीला प्रजातन्तर" बहरहाल ये ड्रामेबाज़ी तो चलती रहेगी...लेकिन हम अपको बाताते है...इस गांव के गरीब किसानों के कुछ मसीहाओं के बारे में... ये है मसीहा न0 1 बीजेपी नेता राजनाथ सिंह... जिन्होंने ने पुलिस की ज़्यात्ती और भूमि अधिग्रहण से म...

मां तुझे सलाम

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थकन आए ना जिसे... ना हो चेहरे पे शिक़न... अपने बच्चों के लिए करती रही... लाखों जतन... कोई भूखा था...कोई नंगा तो कोई बे-घर... मौत के बाद भी... मयस्सर था ना कफ़न... बे-सहारों के लिए छोड़ दिया...जिसने अपना वतन... भारत देश करता है...उस मां को नमन... HAPPY MOTHERS DAY

आतंक का आक़ा ओसामा ढेर

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पिछले 10 साल से दोहरी चाल चलने वाले पाकिस्तान का घिनौना चेहरा लादेन की मौत के बाद दुनिया के सामने आ गया...पाकिस्तान में लादेन का मारा जाना इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान की तरफ़ से अमेरिका को लगातार धोखा दिया जा रहा था...पाकिस्तानी हुक्मरान लादेन को छिपा भी रहे थे और सारी दुनिया के सामने आतंक के खिलाफ लड़ाई का झूठा ढ़ोंग भी रच रहे थे...लेकिन जब अमेरिका ने आतंक के आका को एबटाबाद की फौजी छावनी के पास मार गिराया तो पाकिस्तान की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई है… भारत कहता रहा कि आतंकियों का अड्डा पाकिस्तान है...लेकिन मुशर्रफ से लेकर ज़रदारी तक दुनिया को बरगलाते रहे...और लादेन जब मारा गया तो पाकिस्तान की सरपरस्ती में...पाकिस्तानी हुक्मरानों को उसकी खतरनाक खुफिया एजेंसी   ISI को अमेरिकी मंसूबे की कानो-कान खबर नहीं लगी...और अचानक से लादेन की मौत की सनसनीखेज खबर सुनकर पाकिस्तान के होश उड़ गए...पाकिस्तान सरकार और ISI लादेन को छिपाए बैठे था…आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को लंबा खींचते रहे...अमेरिका से पैसे वसूलते रहे...लगातार झूठ बोलते रहे…और जब अमेरिका ने उ...

मुसिबत का जनलोकपाल !!!

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लोकपाल बिल की मांग पर अड़े अन्ना हज़ारे ने जब जंतर मंतर को चुना....तो साफ हो गया कि ये कोई छोटी मोटी जंग नहीं...जन सैलाब के आक्रोश की आंधी ने अन्ना के कंधों पर भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने का दारोमदार सौंप दिया... आवाम की हक़ की लड़ाई के लिए गांधी की छवी बनकर उभरे अन्ना हज़ारे के अनशन के बाद...राजनैतिक दलों में ज़लजला आ गया....5 दिन अन्ना बिन अन्न रहे...देश में मानों एक नई उर्जा का संचार कुछ ही घंटों में हो गया हो...पूरा देश अन्ना की मुहीम में एक जुट हो गया.... आखिरकार हज़ारे की ज़िद के सामने सरकार को नत मस्तक होना पड़ा...और सरकार ने जनलोकपाल बिल के पर हामी भर दी.... सरकार की रज़मंदी के बाद अन्ना ने अनशन त्यागा... इसके बाद चला जनलोकपाल बिल पर बैठकों का दौर...राजनेताओं की बयानबाज़ी और अरोप प्रत्यारोप के बावजूद पहली बैठक कामयाब रही...लेकिन अन्ना की मुहीम के दूसरे चरण की बैठक की तस्वीर तब बिल्कुल ही बदल गई...जब अमर सिंह की बोतल से सीडी नाम का जिन बाहर आया...सीडी का जिन बाहर आते ही बिल के विरोधियों में खलबली मच गई... कमेटी के सह अध्यक्ष शांति भूषण पर राजनेताओं की उंगलियां उठने लगीं...और यह...

हज़ारे नए युग के गांधी....

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आज़ादी का वो दौर याद आ गया... जिसके किस्से आज तक सिर्फ़ किताबों में पढ़े थे... देश को आज़ाद कराने के लिए लाख़ो वीर जवानों ने अपने प्रणा की आहूति दी... लेकिन कुछ चुनिंदा नाम हमेशा हमारी जुबान पर रहते है... “ भगत सिंह, राजगुरू, सतगुरू ”… आज़ादी मिलने के बाद देश गुलामी की ज़ंजीरों से तो आज़ाद हो गया... लेकिन फंस गया भ्रष्टाचार के घिनौने दलदल में... लेकिन भारत माता की गोद में आज भी गांधी जैसे उसके होनहार सपूत मौजूद है... जो अपनी मां की रक्षा के लिए बलिदान दे सकते है... और इसकी जीती जागती मिसाल बनकर उभरे है अन्ना हज़ारे... जो देश को भ्रष्टाचार के घिनौने दलदल से मुक्त करने के लिए सरकार से जन लोकपाल बिल पास करने की जिद पर अड़े हैं...  अन्ना की ये ज़िद ही देश में इमान की क्रांती को जन्म दे सकती है... इस लड़ाई में पूरा देश उनके साथ है... इंसाफ़ की आंधी में जन सैलाब का रूख लगातार अन्ना हज़ारे के मंच की तरफ़ बढ़ रहा है... भ्रष्टाचार से मुक्ति पाने का नारा लेकर देश का हर तबक़ा दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंच रहा है... हज़ारे की भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ छेड़ी गई ...

राष्ट्रपिता हमें यही सिखावें

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राष्ट्रपिता हमें यही सिखावें मिलजुल कर सब जीवन बितावें किंतु इंसा-इंसा का ख़ून बहावें हर तरफ़ ख़ूनी मंज़र नज़र आवे देश के प्रेमी देश मीटावें रोज़ नए-नए भेष बनावें तनिक नही इनको भय है चारों दिशा में इनकी जय है कभी जलावें नंदी ग्राम कभी मचावें उड़ीसा में कोहराम कभी गोधरा को भड़कावें कभी करें भोली जनता पर वार कभी चलावें गोला बारी कभी चलाए बम से काम इस देश का क्या होगा भगवान जिसमें रहते है अनेक भोले इंसान   रोज उजाड़े मांग के सिंदूर सूनी करें ये मां की गोद रोज़ किसी को अनाथ बनावें रोज़ करें ये अत्याचार मां बहने और बेटी को फेकें रोज़ वैहशी की ओर शर्म लाज अब कैसे बचावें कफ़न होतो तन को छुपावें अतिथि देवों भवा का करके हनन विदेशी महिलाओं को सताने का है चलन भारत पर लगा शोषण नाम का कलंक ऐसी घटनाओं का होता है हर रोज़ जनम मौत के बाद भी चीर हरण स्त्री जात का फूटा ऐसा करम स्वम् पर झेले सारी विपदा फिर भी नही है कोई शिकवा विद्यार्थियों का है हाल बेहाल विद्या की अर्थी सजावें सुबहो शाम सहपाठी पर करके वार जीवन ...

न इधर उधर की तू बात कर...

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                                                     वीकीलिक्स ख़ुलासे के बाद संसद में विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव पर चर्चा का वक्त किसी मुशायरे की महफ़िल की शक्ल में नज़र आया... एक तरफ़ विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर नोट फ़ॉर वोट के विकीलिक्स के ख़ुलासे पर शायराना अंदाज़ में सवालिया तीर छोड़कर समां बांध दिया...और प्रधानमंत्री से कहा की “न इधर उधर की तू बात कर...बता कि क़ाफिला क्यों लुटा... हमें रहजनों से गिला नहीं तेरी रहबरी का सवाल है”....  सुषमा का शायराना अंदाज़ में सवाल क्या दग़ना था कि हंगामें के बीच चलने वाले सत्र में चारों तरफ़ से वाहहह... वाहहह... वाहहह... के नारे बुलंद होने लगे... और अब बारी थी सिंह की दहाड़ की... लेकिन हैरत तो तब हुई जब घोटालों का ताज पहने यूपीए सरकार और देश के साफ़ छवी व...