हर सुबह एक नई मुसीबत... हर रात में छुपी एक ख़ामोशी... कहीं सन्नाटा, कही बिलखते हुए लोग... कहीं अपनों को तलाशती मायूस नज़रें... कहीं सब कुछ लुटा चुके लोगों की सिसकियां... ये उस सरज़मी की तबाही के बाद का मंज़र है... जहां कुछ दिनों पहले कुदरत अपना कहर बरपा चुकी है... जापान में मुसिबतों को दौर बरकरार है... कुदरत के जख्म के बाद तबाही का सिलसिला शुरू हो गया... जापान में आए ज़लज़ले ने लाखों लोगों से उनका बसेरा छीन लिया... सुनामी की ख़तरनाक लहरे ना जाने कितनी ज़िंदगियां निगल गई... और अब इस कोहराम के बाद रेडिएशन का खतरा... जो लोगों के उपर कैंसर बन कर टूट सकता है....
ज़लज़ले और सुनामी से सहमे जापान के लोग एक बार फिर दहल उठे हैं... दरअसल रेडिएशन के रिसाव से जापान पर परमाणु त्रासदी के बादलमंडराने लगे हैं… सुनामी की मार झेलने के बाद अब जापान पर कैंसर की सुनामी का खतरा मंडरा रहा है... रेडिएशन बालों से शरीर में दाखिल होकर त्वचाका कैंसर देता है… और कई तरह की बीमारियों को दावत देता है... जिससे मर्ज शरीर में घर कर लेते हैं... और इसकी चपेट में अबतक करीब 200 लोगों आ चुके हैं...रेडिएशन का असर पड़ोसी मुल्कों पर भी हो रहा है...आलम ये है कि भारतीयों के साथ-साथ जापानी भी देश से पलायन करने को मजबूर है... जापान के हालत देखकर लगता है कि हिरोशिमा और नागासाकी का 65 साल पुराना औरखौफनाक इतिहास दोहराना तय है…
फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट में एक के बाद एक हो रहे धमाकों से जपान लरज़ उठा है... हवा में घुलता ज़हर लाखों ज़िन्दगियां तबाह कर सकता है... अपना सब गवा चुके लोग खुले आसमान के नीचे गुज़र बसर करने को मजबूर है... लेकिन जापान से नराज़... कुदरत का सितम तो देखिए बर्फबारी ने इनकी मुसिबत और बड़ा दी... सर छुपाने के लिए अब ये कहां जाए... लेकिन जपान अभी भी हिम्मत नही हारा है....और इस दुख भरे पल से लागातार जुझ रहा है... ताकी इससे जल्द से जल्द निजात पाई जा सके... बच्चे, बुजुर्ग, जवान सभी आंखे तबाही के इस आलम में अपनों की ज़िंदगी तलाश रही है.... क्या पता...किसी आवाज़ से कुछ पलों में खोई ज़िंदगी...वापस ढेर सारी खुशियां लेकर लौटे...
रोज़ एक नई परेशानियों का सामना कर रहा जापान भारी मुश्किलों से जुझ रहा है... साढ़े आठ लाख घरों में बिजली नहीं है.....15 लाख घरों में पानी के लाले पड़ गये हैं....इसके बावजूद जापान की ज़िंदादिली अभी भी बरकरार है... और साथ ही पूरी दुनिया जापान के लिए कुदरत से रहम दुआएं कर रही है...
37-day-long Cockroach Janata Party (CJP) movement came to an end in what many consider a historic moment. It is being seen as a victory for young people, students, and democracy itself. In a democracy, peaceful protest is a constitutional right of every citizen, and this movement once again demonstrated that a united and peaceful voice can reach those in power. Not Hindus or Muslims, but Indians Standing Together One of the movement's greatest strengths was its unity. It did not become a movement of any particular religion, caste, or community. Instead, people came together as Indians for a common cause. History has repeatedly shown that when citizens stand united on an issue, governments are compelled to listen. Participation Across All Sections of Society Although Gen Z played the leading role in the movement, it also saw active participation from women, senior citizens, millennials, persons with disabilities, members of the LGBTQ+ community, and various civil soci...
वीकीलिक्स ख़ुलासे के बाद संसद में विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव पर चर्चा का वक्त किसी मुशायरे की महफ़िल की शक्ल में नज़र आया... एक तरफ़ विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर नोट फ़ॉर वोट के विकीलिक्स के ख़ुलासे पर शायराना अंदाज़ में सवालिया तीर छोड़कर समां बांध दिया...और प्रधानमंत्री से कहा की “न इधर उधर की तू बात कर...बता कि क़ाफिला क्यों लुटा... हमें रहजनों से गिला नहीं तेरी रहबरी का सवाल है”.... सुषमा का शायराना अंदाज़ में सवाल क्या दग़ना था कि हंगामें के बीच चलने वाले सत्र में चारों तरफ़ से वाहहह... वाहहह... वाहहह... के नारे बुलंद होने लगे... और अब बारी थी सिंह की दहाड़ की... लेकिन हैरत तो तब हुई जब घोटालों का ताज पहने यूपीए सरकार और देश के साफ़ छवी व...
पिछले 10 साल से दोहरी चाल चलने वाले पाकिस्तान का घिनौना चेहरा लादेन की मौत के बाद दुनिया के सामने आ गया...पाकिस्तान में लादेन का मारा जाना इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान की तरफ़ से अमेरिका को लगातार धोखा दिया जा रहा था...पाकिस्तानी हुक्मरान लादेन को छिपा भी रहे थे और सारी दुनिया के सामने आतंक के खिलाफ लड़ाई का झूठा ढ़ोंग भी रच रहे थे...लेकिन जब अमेरिका ने आतंक के आका को एबटाबाद की फौजी छावनी के पास मार गिराया तो पाकिस्तान की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई है… भारत कहता रहा कि आतंकियों का अड्डा पाकिस्तान है...लेकिन मुशर्रफ से लेकर ज़रदारी तक दुनिया को बरगलाते रहे...और लादेन जब मारा गया तो पाकिस्तान की सरपरस्ती में...पाकिस्तानी हुक्मरानों को उसकी खतरनाक खुफिया एजेंसी ISI को अमेरिकी मंसूबे की कानो-कान खबर नहीं लगी...और अचानक से लादेन की मौत की सनसनीखेज खबर सुनकर पाकिस्तान के होश उड़ गए...पाकिस्तान सरकार और ISI लादेन को छिपाए बैठे था…आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को लंबा खींचते रहे...अमेरिका से पैसे वसूलते रहे...लगातार झूठ बोलते रहे…और जब अमेरिका ने उ...
प्राकृतिक आपदा के सामने हम कितने विवश है,
ReplyDeleteअच्छी पोस्ट.
than u sir
ReplyDeletesab kuch chala gaya............
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