न इधर उधर की तू बात कर...
वीकीलिक्स ख़ुलासे के बाद संसद में विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव पर चर्चा का वक्त किसी मुशायरे की महफ़िल की शक्ल में नज़र आया... एक तरफ़ विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर नोट फ़ॉर वोट के विकीलिक्स के ख़ुलासे पर शायराना अंदाज़ में सवालिया तीर छोड़कर समां बांध दिया...और प्रधानमंत्री से कहा की “न इधर उधर की तू बात कर...बता कि क़ाफिला क्यों लुटा... हमें रहजनों से गिला नहीं तेरी रहबरी का सवाल है”.... सुषमा का शायराना अंदाज़ में सवाल क्या दग़ना था कि हंगामें के बीच चलने वाले सत्र में चारों तरफ़ से वाहहह... वाहहह... वाहहह... के नारे बुलंद होने लगे... और अब बारी थी सिंह की दहाड़ की... लेकिन हैरत तो तब हुई जब घोटालों का ताज पहने यूपीए सरकार और देश के साफ़ छवी व...

HAPPY MOTHERS DAY
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