सूचना के तालाब की बड़ी मछली शिकंजे में
प्यार और जंग में सब जाएज़ है ये कहावत तो आपने सुनी होगी...लेकिन विदेश मंत्रालय में भारतीय विदेश सेवा ग्रेड बी की 53 वर्षीय अधिकारी माधुरी ने प्यार और पैसों के लिए अपनी मां की ही इज़्जत को दांव पर लगा दिया...वो देश से जुड़ी सूचनाए आईएसआई एजेंट मेंजर राणा को देती थी...ये सूचनाए देश के अंदुरूनी मामलो से जुड़ी थी... इसमें 26/11 की जांच से जुड़ी जानकारी भी लीक की गई थीं...ये बात लोकसभा में विदेश राज्यमंत्री परनीत कौर ने कही... बहरहाल देश का द्रोही चेहरा अगर देखना है तो माधुरी गुप्ता के मासूम चेहरे को देखिए...शक्ल-ओ-सूरत से भारतीय संस्कृती की चादर में लिपटी एक भारतीय नारी ...लेकिन इस चेहरे के पीछे छिपा था ख़तरनाक मंसूबा जिसकी भनक तक किसी को नहीं थी ...माधूरी की इस करतूत ने पूरे देश को शर्म सार कर दिया लेकिन इस देशद्रोही के उपर कोई असर नही है...इसका कहना है की ये सब मैने पैसे और प्यार के लिए किया... तकरीबन 6 साल पहले इस्लाम धर्म कबूल कर चुकी माधूरी ने शिया समुदाए को अपनाया था... लेकिन अपने इस नए मजहब का एलान करने से डरती थीं... उनके परिवार का रिश्ता लखनउ के मुस्लिम परिवार आशिक हुसैन जाफरी से ...