दिल्ली की दरिया दिली


दिल्ली की दरिया दिली से कौन नहीं वाक़िफ़ है...ख़र्च के मामले में नम्बर वन और पैसे उड़ाने में डेल्हाईटस ने पूरे देश को पीछे छोड़ दिया है...दरअसल ये बात एक सर्वे में सामने आई है कि दिल्ली सच में दिल वालों की है...ये आंकड़े दिल्ली सरकार के आर्थिक और सांख्यिकी निदेशालय ने 2007 से 2008 के दौरान किए गए सर्वे के बेस पर तैयार किया हैं...यहां के शहरी इलाक़ों में प्रति व्यक्ति 2,078 रुपए ख़र्च होता है...जबकि ये ख़र्च राष्ट्रीय स्तर पर 1472 रुपये ही है...2007 में 1972 रुपये ही ख़र्च होता था...राजधानी में मासिक आय का सबसे ज़्यादा ख़र्च 37 फ़ीसदी खाने-पीने की चीजों पर होता है...हालांकि देश भर में यह औसत 40 फ़ीसदी ही है...खान-पान में सबसे ज़्यादा 10 फ़ीसदी हिस्सा मिल्क प्रॉडक्ट्स में ख़र्च होता है... 8 फ़ीसदी अनाज और दालों पर, 2 फ़ीसदी खाद्य तेलों पर, 4 फ़ीसदी सब्ज़ियों पर और 2 फ़ीसदी फलों पर ख़र्च होता है...
सर्वे में बताया गया है कि दिल्ली में 46 फ़ीसदी घरों में महीने का ख़र्च प्रति व्यक्ति एक से दो हजार रुपये के बीच होता है... इसी तरह 12 फीसदी घर ऐसे हैं, जहां प्रति व्यक्ति ख़र्च 2001 से 2500 रुपये महीना है...29 फ़ीसदी घर ऐसे हैं, जिनका प्रति व्यक्ति ख़र्च 2,501 रुपये से ज़्यादा है... करीब 45 पर्सेंट घरों की आय नियमित है और सैलरी से घर के ख़र्चे चलते हैं... स्वरोजगार से जुड़े घरों की संख्या 43 फ़िसदी है... पांच फ़ीसदी घर लेबर कैटिगरी के हैं... और बाकी पांच फ़ीसदी अन्य प्रकार के हैं...ख़ास बात यह है कि 62 फ़ीसदी लोग अपने घरों में रहते हैं, जबकि 35 फ़ीसदी लोग किराये के घरों में...करीब 74 फ़ीसदी लोग इंडिपेंडेंट घरों में रहते हैं, जबकि 15 फ़ीसदी फ्लैटस में...गांवों में 11 फ़ीसदी लोग रहते हैं... 93 फ़ीसदी घर पक्के हैं, जबकि 6 फ़ीसदी आधे पक्के हैं... सिर्फ एक फ़ीसदी मकान कच्चे हैं...
सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि दिल्ली में कुल परिवारों में करीब 7 फ़ीसदी की मुखिया महिलाएं हैं...75.90 लाख महिलाओं में से 51 फ़ीसदी यानी 38 लाख विवाहित, 5 फ़ीसदी यानी 3.85 लाख विधवा और 0.33 फ़ीसदी तलाकशुदा या फिर अलग रह रही हैं... दिल्ली के शहरी क्षेत्रों को प्रति घर 1.32 बच्चे हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 1.50 बच्चे हैं....दिल्ली के शहरी क्षेत्र में पढ़ाई दर 85 फ़ीसदी है...90 फ़ीसदी पुरुष और 80 फ़ीसदी महिलाएं साक्षर हैं...साक्षर लोगों में 18 फ़ीसदी प्राइमरी लेवल तक पढ़ाई करने वाले हैं...12 फ़ीसदी लोग हायर सेकंडरी तक पढ़ चुके हैं...19 फ़ीसदी ग्रैजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट हैं...

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